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ओपी चौधरी का बजट स्वागत योग्य - हारुन मानिकपुरी श्रम को मिला सम्मान 3,13 करोड़ अतिरिक्त आवंटित

        रायपुर:- श्रम आयुक्त दर वन कर्मचारी संघ प्रांत प्रमुख हारुन मानिकपुरी ने छत्तीसगढ़ सरकार में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 में वनविभाग के 3600 श्रम आयुक्त दर पर कार्य करने वाले श्रमिक सहित संविदा कर्मचारी, अनियमित कर्मचारी, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए पहले मात्र 9.21 करोड़ रुपए श्रम सम्मान राशि आवंटित किए जाते रहे हैं। जिससे बहुत सारे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विगत लगभग आठ वर्षों से श्रम सम्मान के रूप फूटी कौड़ी नहीं मिला। आखिरकार वनविभाग में सेवारत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने श्रम आयुक्त दर वन कर्मचारी संघ प्रांत प्रमुख हारुन मानिकपुरी से संपर्क किया था। संघ लम्बे समय से इस सुविधा की मांग कर रहा था और विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिना किसी से चन्दा बरार लिए निरंतर प्रयासरत रहा। अब श्रम सम्मान राशि प्रतिमाह 4000₹ के लिए कुल आबंटन 12.34 करोड़ वन मंत्री केदार कश्यप के पहल पर आवंटित किया गया है। हारुन मानिकपुरी ने कहा कि दैनिक वेतन भोगियो, श्रम आयुक्त दर श्रमिकों मेहनत का सम्मान दिलाना और उनकी आय में बढ़ोतरी कराना है। बजट में 4 श्रम कानून का जिक्र नहीं हुआ इसका स्पष्ट संकेत है 31मार्च 2026तक स्थाईकरण की उम्मीद बनी हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब किसी भी संगठन को चन्दा बरार, हड़ताल, धरना प्रदर्शन ,मोटी रकम खर्च करने के बजाय स्थाईकरण कम से कम वर्ष तय करते हुए बिना नियुक्ति पत्र और बिना रिक्त पद वालों का राजस्थान, मध्यप्रदेश के तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी लागू करने की मांग ज्ञापन देना बेहद जरूरी है,31 मार्च 2026 के पूर्व बजट सत्र के बाद भी किसी भी केबिनेट बैठक में निर्णय कर स्थाईकरण लागू करने का विकल्प सरकार के पास है।


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