बजट 2026: छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी गति, बस्तर और मत्स्य पालन पर विशेष फोकस
भरत मटियारा, अध्यक्ष, मछुआ कल्याण बोर्ड, छत्तीसगढ़ शासन (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) ने बजट को सहराया
कांकेर!कल्याणकारी बजट, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 2047 विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी, वित्त मंत्री ओपी चौधरी जी, उपमुख्यमंत्री अरुण साव जी, और विजय शर्मा जी का यह प्रयास सराहनीय है।
यह बजट "संकल्प से सिद्धि तक" की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो समावेशी, सर्वस्पर्शी, और सर्वाग्राही है। 1 लाख 72 हजार करोड़ का यह बजट अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जिसमें अधोसंरचना, परिवहन, ऊर्जा, संचार, जलापूर्ति, शिक्षा, और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है।
बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के विकास पर विशेष फोकस किया गया है, जिससे बस्तर में शांति और समृद्धि आएगी। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में "एजुकेशन सिटी" शिक्षा के क्षेत्र में बस्तर को एक नया पहचान देगा। बस्तर फाइटर की भर्ती सुरक्षा और रोजगार का माध्यम बनेगा।
मत्स्य पालन को प्रमुख आजीविका साधन के रूप में विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। कोरबा जिले के हसदेव बांगो जलाशय में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत एक एकीकृत एक्वा पार्क प्रस्तावित किया गया है, जिसके लिए बजट में 5 करोड़ का प्रावधान है। जल संसाधन विभाग के लिए 3500 करोड़ का प्रावधान है, जिसका लाभ सिंचाई के साथ-साथ मत्स्य पालन के लिए होगा।
यह बजट छत्तीसगढ़ के सभी भागों, वर्गों के हित को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो सराहनीय है।








