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शहीद वीर नारायण सिंह के इष्ट देव कुरूपाठ भगवान को क्षतिग्रस्त करने वाले अधिकारी के ऊपर कड़ी कार्रवाई करने के लिए सोना खान चौकी में दिया आवेदन

विजय साहू 

बलौदाबाजार। जिले के कसडोल विकासखंड के सोनाखान स्थित भगवान कुर्रुपाठ मंदिर को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों पर मंदिर परिसर में तोड़फोड़ करने और वर्षों से स्थापित अखंड ज्योति को नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया है



ग्रामीणों के अनुसार रविवार महाशिवरात्रि की सुबह डीएफओ गणवीर धम्मशील, सोनाखान वन परिक्षेत्र अधिकारी और विभागीय कर्मचारी जंगल स्थित कुर्रुपाठ पहुंचे। आरोप है कि यहां मंदिर परिसर में लगाए गए छाया पंडाल को हटाया गया तथा करीब चार वर्षों से जल रही अखंड ज्योति (लिंक) को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।


वीर नारायण सिंह से जुड़ी आस्था का केंद्र


छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज राजेंद्र दीवान ने बताया कि सोनाखान के 18 टोला अंतर्गत 24 गांवों की आस्था इस स्थल से जुड़ी है। मान्यता है कि वीर नारायण सिंह यहां पूजा किया करते थे और इसी क्षेत्र में अंग्रेजों से उनका संघर्ष हुआ था


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आदिवासी समाज कुर्रुपाठ को कुल देवता के रूप मे पूजता है और यहां हर वर्ष मेला भी आयोजित होता है। घटना के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है और बड़ी संख्या में लोग सोनाखान चौकी पहुंचकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं


ग्रामीणों का आरोप


मंदिर परिसर में तोड़फोड़, पंडाल हटाया गया, अखंड ज्योति को नुकसान, धार्मिक भावनाओं को ठेस


ग्रामीणों का कहना है कि महाशिवरात्रि जैसे पवित्र दिन हुई कार्रवाई से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।




वन विभाग का पक्ष


डीएफओ गणवीर धम्मशील ने आरोपों से इंकार करते हुए कहा —


“नीचे झोपड़ी बनाकर अतिक्रमण किया गया था, उस पर पीआर काटकर कार्रवाई की गई है। मंदिर में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं की गई।”


तनाव की स्थिति


मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल है। ग्रामीण प्रशासन से जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि वन विभाग इसे अतिक्रमण हटाने की नियमित कार्रवाई बता रहा है।




अब सबकी नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है कि आखिर मंदिर परिसर में क्या हुआ और जिम्मेदार कौन है


 ग्रामीण ने सोना खान चौकी जाकर किया शिकायत दर्ज


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