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बस्तर के जंगलों से कई पेड हो रहे विलुप्त,लकड़ी तस्करी का चल रहा बड़ा खेल

फलदार पेड़ों की हो रही अंधाधुंध कटाई दलाल हो रहे लाल,वन विभाग पर उठे गंभीर सवाल

कोंडागांव - कोंडागांव जिले में इन दिनों पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी का मामला लगातार सुर्खियों में है। ग्रामीणों और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लकड़ी तस्करों का एक संगठित सिंडिकेट सक्रिय है, जो बेखौफ होकर पेड़ों की कटाई कर जिले से बाहर तस्करी कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिले के दोनों ओर वन विभाग के चेक पोस्ट स्थापित हैं, इसके बावजूद तस्कर भारी वाहनों के माध्यम से लकड़ी पार कराने में सफल हो रहे हैं। इससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।


ताजा मामला अमरावती वन परिक्षेत्र का है, जहां मालगांव निवासी नरेंद्र मरकाम द्वारा प्राथमिक शाला नयापारा ओंडारगांव के सामने 12 चक्का ट्रक क्रमांक MH 35 K 3710 में भारी मात्रा में अवैध रूप से काटी गई लकड़ी लादकर बाहर भेजे जाने की सूचना ग्रामीणों ने दी। ग्रामीणों के अनुसार यह कार्य खुलेआम किया जा रहा था। सूचना मिलते ही डीएफओ कोंडागांव चूड़ामणि सिंह ने संज्ञान लेते हुए वन विभाग की टीम को मौके के लिए रवाना किया।


हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है। क्षेत्र में लगातार बेतरतीब और बेखौफ पेड़ कटाई की घटनाएं सामने आ रही हैं। सूत्रों का दावा है कि इस पूरे सिंडिकेट में राजनीतिक संरक्षण भी शामिल हो सकता है, जिसके चलते कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पा रही है।


वन विभाग की निष्क्रियता और चेक पोस्ट की मौजूदगी के बावजूद तस्करी का जारी रहना प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि इस मामले में वन विभाग कितनी सख्ती दिखाता है और अवैध कटाई पर कब तक लगाम लग पाती है।


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