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एक दिवसीय राज्य स्तरीय अंग्रेजी भाषा कार्यशाला में कोंडागांव के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने शोध पत्र एवं रोल प्ले प्रस्तुत किये।

कोंडागांव - इंग्लिश लैंग्वेज टीचर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया चैप्टर राजनांदगांव के सहायक शाखा जिला कोंडागांव के शिक्षकों व छात्राओं ने बालोद जिला में आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय अंग्रेजी भाषा कार्यशाला में शोध पत्र व रोल प्ले प्रस्तुत किये। " इमर्जिंग ट्रेंड्स इन टीचिंग एंड लर्निंग इंग्लिश लेंग्वेज " विषय पर आधारित इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जिलों के लगभग 50 शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिए और विषय आधारित सारगर्भित प्रस्तुति दिए। कोंडागांव जिले से श्रीमती सुशीला शर्मा ने "द रोल आफ इंग्लिश इन रुरल एरिया" विषय पर अपनी सारगर्भित शोध पत्र प्रस्तुत किये। इस शोध पत्र में उन्होंने ग्रामीण परिवेश में अंग्रेजी भाषा को छात्राओं को आसानी से सीखने के तरीकों के बारे में जोर दिया। शोध पत्र में भारत के दो राज्यों महाराष्ट्र के लोनावाला, खंडाला और गुजरात के हड़प्पा सभ्यता स्मारक स्थल, और वे आफ हैवन को देखने समझने के विदेशी जो अंग्रेजी भाषा बोलते है, उनको जानकारी देने के लिए अंग्रेजी बोलने वाले लोगों की जरूरत है । इसीलिए उन्होंने छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को अंग्रेजी सीखने के लिए प्रेरित किये ताकि दुरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले छात्र छात्राएं छत्तीसगढ़ की पर्यटन स्थल, पुरातात्त्विक धरोहर, ऐतेहासिक स्मारक के बारे में जानकारी दे सके। चेयर पर्सन और उपस्थित विद्वानों ने ने इनके शोध पत्र की सराहना की। इसी पेपर प्रेसेंटेशन के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अनंतपुर के छात्राओं प्रेरना मानकर , रेशमा मंडावी कुंती पोयाम, ममिता पोयाम,पूजा अग्रवाल , और प्रज्ञा ने "वर्ड गेम, अंग्रेजी वाक्य फ्रेमिंग , मैप के माध्यम से राज्य के पर्यटन स्थल को अंग्रेजी भाषा में रोल प्ले कर कार्यशाला में उपस्थित विद्वानों को अपने ओर आकर्षित किये। कार्यशाला के प्लेनरी सत्र में श्री धनेश सिन्हा (प्रेसीडेंट एलटाई), श्री मोहन लाल बोगा और श्री ईश्वरी सिन्हा ने प्रोफेशनल डेवलपमेंट की आवश्यकता पर चर्चा करते हुए छात्र छात्राओं और शोधार्थियों के सवालों से रूबरू हुए। एक प्रश्न के जवाब में कोंडागांव जिले के अंग्रेजी भाषा के विषय विशेषज्ञ श्री मोहन लाल बोगा ने शिक्षकों को बताया कि शिक्षकों को अपने सीपीडी (कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट)पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। बिना प्रोफेशनल डेवलपमेंट के धीरे धीरे हम फ्यूचर कॉन्वलेज के ट्रैक से हम आउट डेटेड हो जाएंगे।उन्होंने शिक्षकों को एकजुट होकर कार्य करने की बात को रेखांकित किया।।कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों से शिक्षक और छात्र छात्राएं शामिल हुए।


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