20 वर्षो से संचालित एस्सार-एएमएनएस, पर स्थानीयो को स्थाई रोजगार नही - राहुल महाजन
बस्तर का लोहा पर मूल निवासी ही रोज़गार से वंचित ।
मूल एवं स्थानीय निवासियों को सिर्फ ठेका श्रमिक का पद, कंपनी के सारे स्थायी कर्मचारी बाहरी ।
जिला कांग्रेस कमिटी प्रवक्ता एवं प्रभावित ग्राम पंचायत कोडेनार निवासी राहुल महाजन ने प्लांट प्रबंधन पर लगाये गम्भीर आरोप ।
दंतेवाड़ा - किरन्दुल स्थित आर्सेलर मित्तल निप्पोंन बेनेफिसिएशन प्लांट का 30 दिसंबर को क्षमता विस्तारीकरण के लिए जनसुनवाई होना है जिसमे प्लांट की क्षमता को 8.0 मिलियन टन से बढ़ा कर 12.0 मिलियन टन करना प्रस्तावित है । प्रथम दृश्या में देखा जाए तो यह बेनेफिसिएशन प्लांट जो कि पूर्व में 2005 से एस्सार द्वारा शुरू एवं संचालित किया जाता है एवं बाद में जिसका अधिग्रहण 2019 आर्सेलर मित्तल निप्पोंन स्टील्स ने कर लिया और जिसका आज के दिनांक में स्वामित्व इन्ही के पास है । मूलतः देखा जाए तो यह बेनेफिसिएशन प्लांट एक लाभ कमाने वाला प्लांट है तभी इसके विस्तारीकरण पर इतना ज़ोर दिया रहा है और पर्यावरण मंजूरी के लिए ग्राम सभा बुलाई गई है । जिससे प्लांट अपनी क्षमता विस्तारीकरण के बाद और दुगनी शक्ति से बस्तर के लोहा को बाहर भेजा जाएगा ।
इन सब मुद्दों पर एक गहन सवाल उठाते हुए जिला कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता राहुल महाजन ने सवाल उठाते हुए कहा कि बस्तर और दन्तेवाड़ा जिले का लोहा तो प्रचुर मात्रा में यहाँ से ले जाया जा रहा है पर क्या स्थानीय निवासियों का इसका ज़रा सा भी फायदा मिल रहा है क्या ?? 20 से अधिक वर्षो से प्लांट यहाँ संचालित है और बाहरी कंपनियों के आने से स्थानीयो को रोज़गार के सपने दिखाए गए थे परंतु आज दिनांक तक एएमएनएस द्वारा स्थानीय लोगो को कोई रोज़गार नही दिया गया है । इसके उलट इस प्लान्ट के सारे स्थाई कर्मचारी बाहर के है और स्थानीय लोगो को सिर्फ ठेका श्रमिक के तौर पर रखा गया है । इस ज्वलंत मुद्दे पर जिला प्रवक्ता राहुल महाजन ने कंपनी से सवाल उठाते हुए आरोप लगाए है कि जब लोहा दन्तेवाड़ा जिले से दोहन किया जा रहा है तो क्या यहाँ के स्थानीय निवासियों का रोज़गार का हक़ नही बनता क्या??
राहुल महाजन ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि एएमएनएस द्वारा स्थानीय रोज़गार के नाम पर आसपास के ग्रामीणों को रोजगार तो दिया पर सिर्फ ठेका श्रमिक तक उन्हें सीमित कर दिया है, स्थानीय शिक्षित बेरोजगारों के साथ भी यही खिलवाड़ किया गया है । स्वास्थ सुविधाओं के नाम पर भी इन्होंने अपने स्थानीय कार्यरत ठेका श्रमिको को सिर्फ कुछ लाख रुपयों का स्वास्थ्य बीमा दे दिया जाता है । नौकरी सुरक्षा एवं भविष्य निधि के नाम पर इन कर्मचारियों के साथ सिर्फ छलावा किया जा रहा है । इतने वर्षों से लोहा दहन कर यहाँ से हज़ारों करोड़ो का मुनाफा कमाने के बावजूद एएमएनएस द्वारा न तो स्थानीय लोगो के लिए कोई बेहतर शिक्षा की व्यवस्था कराई गई है न तो कोई स्थाई स्वास्थ सम्बन्धी पहल की गई है । शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं पर अपना पक्ष रखते हुए राहुल महाजन ने कहा कि इस कंपनी को स्थानीय स्तर पर इसकी व्यवस्था करनी चाहिए, परन्तु हालात ऐसे है कि किसी चिकित्सा आपातकाल की स्थिति में स्थानियो को बाहर दूसरे जिलों या राज्यो में जाना पड़ता है । जब लोहा बस्तर का, पैसा बस्तर का तो मुनाफा बहारियों का क्यों ?? और स्थानीय निवासियों को रोजगार - शिक्षा - स्वास्थ्य जैसी सुविधओं से भी वंचित रखा जा रहा है । राहुल महाजन ने कहा कि एएमएनएस बड़ी अंतराष्ट्रीय कंपनी है और पैसों के दम पर शायद यह प्रस्तावित ग्रामसभा की मंजूरी भी करवा लें पर क्या इससे स्थानीय लोगो को रोजगार और मूलभत सुविधाएं मिलेंगी या एक बार फिर से जिले के लोगो को ठगा जाएगा । इस पूरे मुद्दे पर राहुल महाजन ने इस ग्राम सभा आयोजन का विरोध करते हुए स्थानीय लोगो से अपील करते हुए कहा कि जब तक अपना हक न मिले तब तक मंजूरी न दे और अपने हक़ की लड़ाई को जारी रखे ।।









